नई दिल्ली, फरवरी 19 -- संसद की एक समिति की फटकार के बाद रेलवे बोर्ड ने 10 ट्रेन से सुपरफास्ट का दर्जा हटा दिया है। कागजों में सुपरफास्ट की रफ्तार में दौड़ रही ये ट्रेन हकीकत में रेलवे के 55 किलोमीटर प्रतिघंटे की औसत गति के मानक पर खरी उतरी है। अब ये पटरियों पर साधारण मेल-एक्सप्रेस की तरह दौड़ेंगी और इनके किराये में 12 फीसदी तक कमी आएगी। रेलवे बोर्ड 2026 के टाइम टेबल में 900 ट्रेन के सुपरफास्ट मानक की समीक्षा कर रहा है, जिससे बाद में किराये में कटौती की जा सके। संसदीय लोक लेखा समिति (पीएसी) ने फरवरी में संसद में पेश अपनी रिपोर्ट में रेलवे पर बिना मानक गति के यात्रियों से सुपरफास्ट सरचार्ज वसूलने का आरोप लगाते हुए इसे ठीक करने की हिदायत दी थी। समिति के दबाव के चलते भारतीय रेलवे ने सुधारात्मक फैसल करते हुए 10 प्रमुख ट्रेन से सुपरफास्ट का दर्...
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