आगरा, जनवरी 12 -- मकर सक्रांति पर आगरा और आसपास के क्षेत्रों में बड़े स्तर पर पतंगबाजी की जाती है। प्रतिवर्ष रेलवे ट्रैक के पास पतंगबाजी के चलते कई लोग दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। वर्तमान में आगरा मंडल में लगभग सभी रेल खंडों पर विद्युत कर्षण पर रेलगाड़ियां संचालित की जा रही हैं। रेलवे ट्रैक को अनाधिकृत स्थानों से पार करना रेल अधिनियम 1989 की धारा 147 के अनुसार दंडनीय अपराध भी है, इसके लिए 1000 रुपये तक के आर्थिक दंड अथवा छह माह का कारावास या दोनों से एक साथ दंडित किया जा सकता है। पीआरओ प्रशस्ति श्रीवास्तव का कहना है कि रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजर रही विद्युत तारों में 25 हजार वोल्ट की विद्युत का प्रवाह रहता है। इन तारों से पतंग की डोर के संपर्क में आ जाने पर तेज विद्युत का करंट लग सकता है।

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