नई दिल्ली, फरवरी 4 -- नई दिल्ली, अरविंद सिंह। भारतीय रेल पिछले 60 सालों से तीन मोर्चों- ट्रेनों को अधिकतम रफ्तार पर दौड़ने, औसत गति बढ़ाने और उनके समयपालन दुरुस्त करने में बार-बार विफल हो रही है। केसी वेणुगोपाल की अध्यक्षता वाली लोक लेखा समिति ने बुधवार को संसद में रेल परिचालन में समयपालन व यात्रा संबंधी रिपोर्ट पेश की। इसमें मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों की औसत गति में गिरावट व अन्य विषयों पर विफलता को लेकर चिंता प्रकट की गई है। समिति ने कहा कि ट्रेनों को अधिकतम 160 किलोमीटर प्रतिघंटा पर दौड़ने के लक्ष्य को कई बार बदला गया। कमोबेश मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों की औसत गति बढ़ाने व समयपालन सुधार में सफलता नहीं मिल रही है। भारतीय रेल की 98 फीसदी ट्रेनें आज भी 75 किलोमीटर प्रतिघंटा की औसत गति के जादुई आंकड़ें को नहीं छू पा रही हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि...