लखनऊ, दिसम्बर 13 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। रेलवे बोर्ड कह रहा है कि ग्रुप डी के तहत सिर्फ 22 हजार पदों पर भर्ती होगी। जबकि, सिर्फ उत्तर रेलवे में ही करीब 50 हजार से ज्यादा पद खाली हैं। इससे लगता है कि खाली पदों की तुलना में भर्ती संबंधी जो गणना बोर्ड ने की है, वह सही नहीं है। रेलवे में निजीकरण की मंशा सरकार भूल जाए। लखनऊ में 22 दिसंबर से होने वाले अधिवेशन में रेल कर्मचारियों की समस्यओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा। यह बात शनिवार को चारबाग स्टेशन परिसर में स्थित नार्दर्न रेलवे मेंस यूनियन (एनआरएमयू) कार्यालय में अखिल भारतीय रेलवे मेंस फेडरेशन के महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने कही। कहा कि हमारी मांग है कि खाली पदों को नियमित कर्मचारियों से भरा जाए। इन पदों पर हम संविदा, आउटसोर्स कर्मी नहीं रखने देंगे। सरकार नीजिकरण की मंशा को भूल जाए तो बेहतर ...
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