मधुबनी, सितम्बर 30 -- घोघरडीहा। विश्व रेबीज दिवस पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ देवकांत दीपक ने रेबीज बीमारी पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि रेबीज एक वायरस के संक्रमण से होने वाली घातक बीमारी है जो मनुष्य एवं जानवरों के लिए हमेशा घातक होता है। लेकिन , बचाव पूरी तरह संभव है। यह बीमारी ज्यादातर कुत्तों के काटने या खरोचने के कारण होती है। लेकिन , बिल्ली, बंदर या अन्य जंगली जानवरों के द्वारा भी हो सकती है। यदि कोई भी जानवर असामान्य रूप से आपको काट देता है तो वह रेबीज हो सकता है। क्योंकि सामान्यत: पालतू जानवर ऐसा नहीं करते जब तक कि वह संक्रमित ना हो। सबसे पहले घाव को साबुन और साफ बहते पानी से अच्छी तरह धोएं। घाव को खुला छोड़े, टांके या बैंडेज ना लगाएं। नजदीकी चिकित्सक से मिले और बचाव हेतु त्वचा या मांसपेशियों...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.