बिजनौर, दिसम्बर 12 -- महात्मा विदुर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय बिजनौर में सामुदायिक चिकित्सा विभाग के द्वारा रेबीज पर सीएमई का आयोजन किया गया। सीएमई का मुख्य उद्देश्य रेबीज से बचाव एवं रोकथाम था। इसमें विभाग के चिकित्सकों द्वारा रेबीज से बचाव व इलाज की जानकारी दी गई। प्रधानाचार्या डॉ. उर्मिला कार्या ने बताया कि रेबीज के बारे में जन-जागरूकता होना बहुत जरूरी है। इसको एक अभियान के तहत समाज तक पहुंचना जरूरी है। शुभारंभ प्रधानाचार्या डॉ. उर्मिला कार्या एवं विभागाध्यक्ष प्रो डॉ नितिन पाठक के द्वारा किया। डॉ. नितिन पाठक ने बताया कि रेबीज़ एक घातक लेकिन पूरी तरह से रोकथाम के योग्य बीमारी है। पालतू पशुओं और समुदाय के कुत्तों का समय पर टीकाकरण संक्रमण से बचाव की सबसे मजबूत ढाल है। किसी भी जानवर के काटने को चिकित्सीय आपात स्थिति मानें एवं घा...