लखनऊ, दिसम्बर 14 -- केजीएमयू में अल्ट्रासाउंड-गाइडेड रिजनल एनेस्थीसिया पर आधारित एडवांस कैडेवेरिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। आयोजन सचिव डॉ. प्रेम राज सिंह ने कहा कि कैडेवेरिक कार्यशालाएं मौजूदा समय में अत्यंत जरूरी हैं। इससे रेजिडेंट डॉक्टरों को सुरक्षित वातावरण में रिजनल एनेस्थीसिया की प्रक्रियाएं सीखने का अवसर मिलता है। कैडैवर आधारित प्रशिक्षण से एनाटॉमी की स्पष्ट समझ विकसित होती है। जटिलताओं की संभावना कम होती है। रोगी-सुरक्षा एवं दर्द प्रबंधन की गुणवत्ता में सुधार होता है। विशेषज्ञों ने रेजिडेंट को कैडेवर पर प्रत्यक्ष प्रशिक्षण दिया। इसमें रिजनल एनेस्थीसिया की विभिन्न प्रक्रियाओं, सुरक्षित तकनीकों तथा पेन मैनेजमेंट में इनके प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। केजीएमयू कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने कार्यशाला का उदघाटन किया। इस मौके...