लातेहार, फरवरी 17 -- लातेहार प्रतिनिधि। जिले में जंगली हाथियों के हमलों से प्रभावित परिवारों को समय पर मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। वन विभाग में रेंजर की भारी कमी के कारण कई मामलों की फाइलें महीनों से लंबित पड़ी हैं। इससे पीड़ित परिवार आर्थिक संकट के साथ-साथ मानसिक परेशानी भी झेल रहे हैं। वन विभाग के प्रावधान के अनुसार हाथी या अन्य जंगली जानवर के हमले में मौत होने पर परिजनों को चार लाख रुपये, जबकि घायल होने पर अधिकतम दो लाख रुपये तक मुआवजा दिया जाता है। वहीं फसल नुकसान पर 10 हजार रुपये प्रति एकड़ और घर क्षतिग्रस्त होने पर क्षति के अनुसार मुआवजा देने का नियम है। इसके बावजूद पीड़ित परिवारों को राहत के लिए वन विभाग के कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार लातेहार जिले में एक दर्जन से अधिक वन रेंज स्वीकृत हैं, लेकिन मात्र तीन ...