गोरखपुर, नवम्बर 28 -- गोरखपुर और कुशीनगर के युवाओं को रूस में वर्क-फ्रॉम-होम जॉब का झांसा देकर फंसाए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। गोरखपुर के सिंघड़िया से एक ट्रैवल एजेंट इस रैकेट को ऑपरेट करता है, जिसका गहरा नेटवर्क कुशीनगर से जुड़ा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि इस अवैध मानव तस्करी के नेटवर्क में कुशीनगर का एक एमबीबीएस डॉक्टर भी शामिल है। एजेंट ने इन बेरोजगार युवाओं को रूस में हर महीने एक लाख रुपये वेतन की नौकरी दिलाने का वादा किया था, जिसे खबर प्रकाशित होने के बाद अब बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये किया जा रहा है, ताकि वे शिकायत न करें। असल में, इन युवाओं को पर्यटक वीजा पर रूस भेजा गया, जिसे वहां वर्क परमिट में बदला नहीं जा सकता। इस कारण रूस पहुंचे युवा न केवल बेरोजगार हैं, बल्कि रूसी पुलिस की छापेमारी का शिकार हो रहे हैं, जो उनसे मोटी रकम व...
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