नई दिल्ली, अगस्त 6 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। रूस से तेल खरीद के मामले में भारत ने अमेरिका और यूरोप को करारा जवाब यूं ही नहीं दिया है। एक ताजा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि यूक्रेन से युद्ध शुरू होने के बाद रूस को तेल बेचने से सबसे ज्यादा कमाई यूरोपीय देशों से हुई है जो कुल बिक्री का करीब एक चौथाई है। गैर सरकारी संगठन सीआरईए की रशिया फॉसिल ट्रैकर रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर 2022 से मार्च 2025 के बीच रूस ने जीवाश्म ईंधन (तेल और गैस) बेचकर 923 अरब यूरो हासिल किए। इनमें से 212 अरब यूरो की बिक्री अकेले यूरोपीय संघ को की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस का यूरोप को तेल निर्यात का आंकड़ा पिछले चार सालों में लगातार बढ़ा है। हालांकि इस साल पहले तिमाही में इसमें मामूली कमी हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि तुर्केमेनिस्तान के जरिये रूस से यूरोप क...
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