नई दिल्ली, फरवरी 1 -- ब्रिक्स (BRICS) देशों में शामिल चीन और रूस डॉलर की जगह किसी नई करेंसी में व्यापार करने की सोच रखते हैं। हालांकि, भारत इसके खिलाफ है। पिछले वर्षों में ब्रिक्स के कुछ सदस्य देश विशेष रूप से रूस-चीन अमेरिकी डॉलर का विकल्प या ब्रिक्स (BRICS) मुद्रा बनाने की मांग कर रहे हैं। भारत ने कहा है वह डी-डॉलराइजेशन (विश्व व्यापार और वित्तीय लेनदेन में डॉलर के उपयोग में कमी) के खिलाफ है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दिसंबर में कहा था, भारत कभी भी 'डी-डॉलराइजेशन' के पक्ष में नहीं रहा है और ब्रिक्स मुद्रा बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।नई करेंसी क्यों चाहते हैं? ब्रिक्स देश अमेरिकी डॉलर और यूरो पर निर्भरता कम करना चाहते हैं। 2022 में 14वें ब्रिक्स समिट के दौरान रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि सदस्य देश नई रिजर्व करेंसी शु...
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