सहरसा, फरवरी 15 -- सहरसा। रूस, चीन और मंगोलिया के पक्षियों को कोसी की आबोहवा पसंद है। हाल में दो दिनों तक पक्षी गणना के लिए भ्रमण कर रहे विशेषज्ञों को कोसी नदी और चौर क्षेत्र में विचरते चीन और मंगोलिया से आने वाले बार हेडेज गुज पक्षी दिखे। इस पक्षी की खासियत यह है कि 30 हजार फीट की ऊंचाई तक यह उड़ान भर सकता है, जो हिमालय की चोटी की ऊंचाई से अधिक है। इसके अलावा यूरोप और सेंट्रल एशिया से आने वाली सबसे बड़े आकार 5 किलो तक वाली ग्रेलेज गुज भी विचरण करती मिली। साइबेरिया, यूरोप की एक से दो किलो के बीच वजन की नुकीली पूंछ वाली नॉर्दर्न पिनटेल भी दिखी। यूरोप और सेंट्रल एशिया निवासी पक्षी गेडवाल भी देखने को मिला। सबसे अधिक वजन वाला यूरोप का सुरखाव पक्षी भी कोसी की वादियों में विचरता नजर आया। नेकेट स्कॉट, वार हेडेड गुच जैसी पक्षियां भी नजर आई। इतना ही...
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