गोरखपुर, अक्टूबर 12 -- गोरखपुर। राजीव दत्त पांडेय गैर पारंपरिक उर्जा स्रोत बायो गैस (मीथेन) के उत्पादन की दिशा में क्रांति आ सकती है। मीथेन के उत्पादन में प्रयोग होने वाले मीथेनोजेन (बैक्टीरिया जैसे सूक्ष्मजीव) की उत्पादन क्षमता बढ़ाने वाले डीएनए की पहचान हो गई है। यह रिसर्च की है दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) के इंडस्ट्रियल माइक्रोबायोलॉजी विभाग के डॉ. साहिल महफूज और लखनऊ के बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के डॉ. युसुफ अख्तर ने। सीएसआईआर-आईजीआईबी, नई दिल्ली में प्रधान वैज्ञानिक डॉ. जितेन्द्र नारायण ने भी इस शोध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं। यह रिसर्च जर्नल ऑफ बेसिक माइक्रोबायोलॉजी में प्रकाशित हुई है। रिसर्च के मुताबिक, मीथेनोजेन के जीन में बार-बार आने वाले डीएनए अनुक्रम स...
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