बुलंदशहर, मई 17 -- पावर कॉरपोरेशन के तीन दिवसीय शिविर में अफसरों की कार्यशैली उजागर हुई है। खुर्जा क्षेत्र के करौरा गांव निवासी पीड़ित का आरोप है कि 45 हजार रिश्वत न देने के कारण पांच महीने में भी न तो लाइन शिफ्टिंग हुई है और न ही कॉमर्शियल कनेक्शन नहीं मिल सका है। टयूवबैल की लाइन से आठ किलोवाट के कनेक्शन का आवेदन जनवरी महीने में किया था। जबकि इस्टीमेट भी जमा कर दिया गया और आर्डर भी हो गए, लेकिन सामान न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं। अब मामला शिविर में पहुंचने के बाद चीफ इंजीनियर ने एक्सईएन को जांच के निर्देश दिए हैं। खुर्जा क्षेत्र के गांव करौरा निवासी शिवकुमार गुप्ता ने बताया कि उनका निजी टयूवबैल है। जिसकी लाइन के दो पोल बाउंड्री के अंदर हैं। उन्हें वहां चिप्स का काम करना है। इसके लिए जनवरी महीने में आठ किलोवाट के कनेक्शन को आवेदन...
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