लोहरदगा, मार्च 8 -- भंडरा, प्रतिनिधि। हम सभी एक ऐसी घनिष्ठ दुनिया में रहते हैं, जहां रिश्ते जीवन का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं। जो हम सभी को बहुत करीब से जोड़ते हैं। दुख की बात है कि आज रिश्ते उतने गहरे और सार्थक नहीं रह गए हैं, जितने पहले हुआ करते थे। उक्त बातें भंडरा के ब्रह्मकुमारी पाठशाला में शुक्रवार को बताई गई। कहा कि आम तौर पर हम अपने कार्यस्थल पर या परिवार में और परिवार के बाहर प्रियजनों के साथ दोस्ती और कई अन्य प्रकार के रिश्तों में जल्दी तलाक और अचानक ब्रेकअप के बारे में सुनते हैं। हम कहां जा रहे हैं? आज रिश्ते इतने कमज़ोर क्यों हैं? और यदि रिश्ते हैं, भी तो जो ख़ुशी वे बिखेरते हैं वह कम है। लोग पहले की तुलना में एक-दूसरे से कम संतुष्ट हैं। रिश्तों में गुस्सा, अहंकार, ईर्ष्या, स्वामित्व और असुरक्षा पहले की तुलना में कहीं अधिक है। ...
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