पटना, जनवरी 11 -- उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा है कि एग्रीस्टैक के अंतर्गत फार्मर्स रजिस्ट्रेशन की प्रगति के विश्लेषण से यह स्पष्ट हो जाता है कि भूमि अभिलेखों की गुणवत्ता का सीधा प्रभाव रजिस्ट्रेशन की गति और कन्वर्जन पर पड़ा है। रिविजनल सर्वे वाले जिलों में अपेक्षाकृत साफ और अद्यतन अभिलेख होने से फार्मर्स रजिस्ट्रेशन तेजी से हो रहा है। उन्होंने कहा कि कैडस्ट्रल सर्वे वाले जिलों में उत्तराधिकार, संयुक्त जोत और पुराने अभिलेखों से जुड़ी संरचनात्मक चुनौतियां हैं, जिन्हें ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार विशेष रणनीति के साथ काम कर रही है। सीएस जिलों में फार्मर्स रजिस्ट्रेशन को गति देने के लिए अतिरिक्त मानव संसाधन के साथ परिमार्जन और दाखिल-खारिज की आसान सुविधा तथा मौजूदा ई-केवाईसी के प्रभावी कन्वर्जन पर विशेष बल दिया जा रहा है। यह किसी प्रकार...