बिहारशरीफ, अप्रैल 18 -- अक्षय तृतीया 30 को भगवान परशुराम की होगी आराधना लोग स्वर्ण आभूषणों की जमकर करेंगे खरीदारी अक्षय तृतीया को ही भगवान परशुराम का हुआ था जन्म त्रेतायुग युग का आरंभ अक्षय तृतीया से ही हुआ था अक्षय तृतीया पर किए गए दान से अक्षय पुण्य की होती है प्राप्ति पावापुरी, निज संवाददाता। हिंदू पंचांग के अनुसार अक्षय तृतीया इस वर्ष 30 अप्रैल बुधवार को मनायी जाएगी। यह तिथि वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया को पड़ती है और इसे अत्यंत शुभ व फलदायी माना जाता है। इस दिन का विशेष महत्व इसलिए भी है, क्योंकि इसे किए गए कार्यों का फल 'अक्षय' यानी कभी न समाप्त होने वाला होता है। अक्षय का शाब्दिक अर्थ है जिसका कभी क्षय न हो अथवा जो सदा स्थायी रहे। अक्षय तृतीया तिथि अक्षय, अखंड और सर्वव्यापक है। चारों युगों में त्रेतायुग का आरंभ इसी तिथि को हुआ ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.