रांची, दिसम्बर 27 -- रांची, संवाददाता। रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के जूनियर डॉक्टरों ने राज्य सरकार की प्रस्तावित बॉन्ड सेवा नीति का विरोध किया। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन चिकित्सा शिक्षा में बॉन्ड सेवा को जरूरी करना झारखंड के एमबीबीएस छात्रों के भविष्य के लिए घातक हो सकता है। जेडीए ने कहा है कि हाल के दिनों में मीडिया में छपी खबरों के अनुसार स्वास्थ्य मंत्री द्वारा संकेत दिए गए हैं कि राज्य में एमबीबीएस कर रहे छात्रों को पांच वर्ष की सेवा देनी होगी। संगठन ने इसे अव्यवहारिक बताया। जेडीए के अनुसार स्नातक स्तर पर ही लंबी बॉन्ड सेवा लागू की गई तो छात्र आगे की पढ़ाई, विशेषकर पोस्ट ग्रेजुएशन से वंचित हो सकते हैं। इससे राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या घटेगी और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर असर पड़ेगा। संगठन ने सरका...
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