लखनऊ, अक्टूबर 29 -- साइबर जालसाजों ने खुद को चेन्नई का डीजीपी बताकर जानकीपुरम गार्डेन में रहने वाले रिटायर इंजीनियर अश्विनी कुमार गुप्ता को मनी लांड्रिंग के केस में जेल भेजने की धमकी दी। सर्विलांस के जरिए नजर रखने का हवाला देकर 17 दिन डिजिटल अरेस्ट रख कर 38 लाख रुपये ठग लिए। वृद्ध इतना अधिक डर गए कि उन्होंने अपनी पेंशन से लोन लेकर जालसाजों को रुपये आरटीजीएस कर दिए। पीड़ित वृद्ध ने मोबाइल नंबर के आधार पर साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर साइबर क्राइम थाना ब्रजेश कुमार यादव ने बताया कि 70 वर्षीय अश्विनी कुमार गुप्ता का बेटा दूसरे राज्य में नौकरी करता है। अश्विनी कुमार के मुताबिक 30 सितंबर को उनके पास एक वीडियो कॉल आई। कॉल करने वाले ने बताया कि वह मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी है। कहा कि आपके आधार कार्ड को लिंक कर दिया गया। बा...
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