नई दिल्ली, दिसम्बर 18 -- सुप्रीम कोर्ट ने सेवानिवृत्ति से ठीक पहले जज द्वारा बहुत सारे आदेश पारित करने की बढ़ती प्रवृत्ति पर आपत्ति जताई। साथ ही इसकी तुलना क्रिकेट मैच के अंतिम ओवरों में बल्लेबाज के छक्के मारे जाने से की। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ मध्य प्रदेश के एक जिला जज की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में जज ने अपने कुछ संदिग्ध न्यायिक आदेशों पर हाईकोर्ट के द्वारा खुद के निलंबन को चुनौती दी थी। जिला जज का निलंबन उनकी निर्धारित सेवानिवृत्ति से ठीक 10 दिन पहले हुआ था। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने बुधवार को कहा कि याचिकाकर्ता ने सेवानिवृत्ति से ठीक पहले छक्के लगाने शुरू कर दिए। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण प्रवृत्ति है। हम इस पर विस्तार से चर्चा नहीं करना चाहते। पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पं...