बुलंदशहर, फरवरी 1 -- रेबीज जैसी घातक बीमारी के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। अब जिले के ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कुत्ते या बंदर के गंभीर रूप से काटने पर जिला अस्पताल की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। शासन के निर्देश पर सभी सीएचसी पर एंटी रेबीज सीरम की सुविधा शुरू कर दी गई है। प्रथम चरण में सभी केंद्रों को पांच-पांच वायल्स उपलब्ध करा दी गई हैं। अब तक सीएचसी स्तर पर केवल एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) ही उपलब्ध होती थी, लेकिन गहरे घाव या खून निकलने वाले (कैटेगरी-3) मामलों में केवल वैक्सीन कारगर नहीं होती। ऐसे मरीजों को एआरएस की जरूरत होती है, जिसके लिए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता था। दूरी और समय की कमी के कारण कई बार मरीजों की जान पर बन आती थी। अब केंद्रों पर ही सीरम मिलने से मरीजों को बड़ी रा...