प्रतापगढ़ - कुंडा, फरवरी 6 -- फसल उगाने के लिए बढ़ते रासायनिक उर्वरक के प्रयोग से स्वास्थ्य पर पड़ रहे विपरीत प्रभाव देख किसान इससे दूरी बनाने लगे हैं। कृषि विभाग के चयनित गांवों से अलग पट्टी और बाबा बेलखरनाथ धाम के कई किसान ने रासायनिक उर्वरक का प्रयोग करना पूरी तरह से बंद कर दिया है। कृषि विभाग कुंडा के 10 और कालाकांकर विकासखंड के चार गांव का चयन नमामि गंगे परियोजना में करके यहां जैविक खाद से खेती करने को प्रोत्साहित करने लगा। यहां के किसानों ने जैविक खाद से खेती शुरू तो उनकी रुचि बढ़ने लगी। रासायनिक उर्वरक से कृषि उपज में खतरे को देखते हुए बाबा बेलखरनाथ धाम और पट्टी विकासखंड के दर्जनों गांव के किसान अपनी मर्जी से किनारा कर लिया। यहां के किसान खुद ही जैविक खाद तैयार कर खेतों में डालने लगे। अचानक रासायनिक उर्वरक बंद करने से उपज तो प्रभावि...