हजारीबाग, जून 14 -- विष्णुगढ़, प्रतिनिधि। सांसद मनीष जायसवाल ने डीएपी और यूरिया आदि रासायनिक खाद के अधिक उपयोग से पोषण मूल्य समाप्त होने के साथ-साथ जानलेवा बीमारियों का भी खतरा बढ़ा है। इससे बचने के लिये जैविक खेती करनी होगी। रसायन-मुक्त खेती को बढ़ावा देने के लिए जन जागरण केंद्र ने नाबार्ड के साथ मिलकर जीवा जैसी परियोजना को धरातल पर उतारा है। इससे क्षेत्र में समृद्धि और समाज सशक्त होगा। उन्होंने पौराणिक व आधुनिक तरीके से खेती करने के तरीकों पर बातें रखी। कहा कि रासायनिक खेती से कई तरह की बीमारियां हो रही है। कैंसर जैसे रोग रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के कारण हो रहा है। स्वास्थ्य बेहतर हो इसके लिये रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा देने के लिए जागरुकता अभियान चलाने की जरुरत है। नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक गौतम कुमार सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र...
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