बिजनौर, जनवरी 11 -- एनएसएस के शिविर अब केवल औपचारिकता मात्र रह गए हैं। इन शिविरों में शिक्षा अधिकारियों की मिली भगत से केवल नाम मात्र के लिए ही शिविर लगाए जाते हैं। सेवायोजन शिविर ऐसे क्षेत्र या ग्राम में लगाए जाने चाहिए जहां पर इनकी उपयोगिता है, और तीन वर्ष तक इस गांव या क्षेत्र में इनको लगाकर ग्रामीणों को विभिन्न प्रकार की अज्ञानता और बुराइयों के प्रति जागरूक किया जाता है परंतु देखा जा रहा है कि अधिकांश विद्यालयों में यह शिविर अपने ही विद्यालय में प्रतिदिन एक या दो घंटे के लिए बैठक आयोजित कर औपचारिक रूप से संपन्न कर लिए जाते हैं। इसके बाद समाचार पत्रों में फोटो छप जाते हैं और उप शिक्षा निदेशक कार्यालय में भेज दिए जाते हैं। इनका अधिकारियों द्वारा केवल कागजी निरीक्षण किया जाता है। भौतिक निरीक्षण के फोटो कभी देखने को नहीं मिलते, जिससे विद्...
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