लखनऊ, फरवरी 9 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता। राज्यसभा में केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री द्वारा ड्राफ्ट राष्ट्रीय विद्युत नीति-2026 पर दिए गए एक सवाल के जबाब पर राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने कड़ी आपत्ति दर्ज की है। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि यह नीति देश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के हितों के खिलाफ है। इसे बिजली क्षेत्र में निजीकरण को प्रभावी और स्थायी बनाने के उद्देश्य से लाया गया है। राज्यसभा में ऊर्जा राज्यमंत्री श्रीपाद नायक ने कहा है कि राष्ट्रीय विद्युत नीति वितरण क्षेत्र में एक से अधिक लाइसेंसधारी को सक्षम करके एकाधिकार को चरणबद्ध रूप से समाप्त करने का प्रस्ताव है। इससे सार्वजनिक निजी भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा। केंद्र सरकार पीपीपी मॉडल से निजीकरण को बढ़ावा देना चाहती है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पूरे देश में सरकारी बिजली ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.