नई दिल्ली, अगस्त 19 -- सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों की संविधान पीठ ने मंगलवार को कहा कि यदि राष्ट्रपति किसी मुद्दे पर शीर्ष अदालत से राय मांगती है तो इसमें गलत क्या है? संविधान पीठ ने तामिलनाडु और केरल सरकार द्वारा विधानसभा से पारित विधेयकों पर निर्णय लेने के मामले में राष्ट्रपति द्वारा भेजे गए संदर्भ का विरोध किए जाने पर यह टिप्पणी की। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बी.आर. गवई की अगुवाई वाली संविधान पीठ ने संदर्भ पर सुनवाई के पहले दिन कहा कि यदि महामहिम राष्ट्रपति खुद सुप्रीम कोर्ट से कुछ राय मांगना चाहती हैं तो इसमें गलत क्या है? पीठ ने केरल और तामिलनाडु से कहा कि क्या आप अपनी बात को गंभीरता से कह रहे हैं? राज्य सरकारों द्वारा संदर्भ की विचारणीयता को लेकर उठाई गई शुरुआती आपत्तियों के जवाब में सीजेआई ने कहा कि हम सिर्फ कानून के बारे में अपनी राय व्...
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