वाराणसी, अप्रैल 29 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। विद्वता के साथ ही अपनी सादगी के लिए भी ख्यात काशी के सर्वमान्य वैदिक विद्वान पं. गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ ने राष्ट्रपति भवन में भी वह उसी तरह नजर आए। सोमवार को जब वह पद्मश्री अलंकरण लेने पहुंचे तो बदन पर सिर्फ धोती और एक दुपट्टा ही था। पं. गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ बिल्कुल वैसे ही पहुंचे जैसे सामान्य दिनों में रहते हैं। काशी की परम पवित्र भूमि के सम्मान में उन्होंने कभी चप्पल या जूता धारण नहीं किया। हमेशा नंगे पांव रहते हैं। राष्ट्रपति भवन में जब वह पहुंचे तो भी नंगे पांव ही थे। मस्तक पर चंदन का त्रिपुंड अवश्य शोभायमान था। उन्होंने अपने बाएं कंधे पर सफेद रंग का दुपट्टा ले रखा था। नाम पुकारे जाने पर जैसे ही वह कुर्सी से उठे सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। करतल ध्वनि उनके अलंकरण लेकर व...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.