सीवान, दिसम्बर 3 -- सीवान। भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती हर साल तीन दिसंबर को मनाई जाती है। सीवान जिले के छोटे से गांव जीरादेई में जन्मे डॉ. प्रसाद ने न केवल स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान दिया। बल्कि देश की सर्वोच्च पदवी तक पहुंचकर जनसेवा और नैतिक नेतृत्व का नया मानक स्थापित किया। हालांकि उनका जन्म जीरादेई में हुआ था, लेकिन सीवान और सारण की मिट्टी ने उनके व्यक्तित्व को आकार दिया। ग्रामीण परिवेश, खेतों की मेहनत, स्थानीय मेलों और स्कूलों का अनुभव इन सबने उनके भीतर संवेदनशीलता और नेतृत्व की भावना को पाला। जीरादेई सहित जिले के विभिन्न गांवों वृद्ध बताते हैं कि युवा राजेंद्र प्रसाद अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में सीधी साधी जीवनशैली और किसानों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण रखते थे। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरा...