प्रभात कुमार, नवम्बर 21 -- Supreme Court News: राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद-143 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर शीर्ष अदालत से 14 संवैधानिक सवालों का सलाह मांगी थी। सुप्रीम कोर्ट ने इन सवालों का जवाब तलाशने के लिए सीजेआई की अगुवाई में पांच जजों की संविधान पीठ गठित की थी। सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों की संविधान पीठ ने कहा कि संविधान की व्याख्या और काम करने का तरीका 'स्वदेशी' है। राष्ट्रपति के संदर्भ के सवालों का जवाब देते हुए संविधान पीठ ने कहा कि बिना लिखे संविधान के अंग्रेजी अनुभव के उलट, भारत का एक लिखा हुआ संवैधानिक टेक्स्ट है। पीठ ने कहा कि कार्यपालिका और विधायिका के बीच शक्तियों के सख्त बंटवारे के कारण अमेरिकी अनुभव बहुत अलग हैं, जिसके लिए प्रेसिडेंशियल वीटो की जरूरत पड़ती है। संविधान पीठ की अगुवाई कर रहे सीजेआई बी.आर. गवई ने कहा...
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