रायबरेली, अप्रैल 30 -- शिवगढ़ संवाददाता। भगवान विष्णु के छठवें अवतार थे, उन्होंने सदैव न्याय, समता और सामानता का पाठ पढाया और उसी पर कार्य किया। परशुराम जी ने कहा कि "रे नृप बालक काल बस बोलत तोहि न सर्भा, धनुही सम त्रिपुरारि धनुु बिदित सकल संसार।" और इसे आगे बढते हुए सदैव उन्होंने कमजोर और पीड़ित के साथ खड़े होने का काम किया। उक्त विचार ऊंचाहार विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री डा.मनोज पांडे ने ओसाह में आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम ने भूमिहीन व्यक्तियों के लिए कहा था कि मैं अपना फरसा फेकूंगा और यह फरसा जहां गिरेगा उतनी सम्पर्ण भूमि भूमिहीनों में वितरित की जायेगी। उनका पूरा जीवन हमें अन्याय के विरूद्ध लड़ने की प्रेरणा देता है। हमें खुशी है कि उनके वंशजो ने 1857 में ब्रिटिश हुकूमत प्रथम विरोध की चिंगारी प्रकाशित क...
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