गुमला, जनवरी 6 -- रायडीह, प्रतिनिधि । मूली पड़हा गुमला के तत्वावधान में मंगलवार को रायडीह मांझाटोली स्थित धुमकुड़िया भवन में पड़हा प्रणेता भिखराम भगत की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत कार्तिक उरांव और भिखराम भगत के चित्र पर माल्यार्पण,पुष्प अर्पण और प्रार्थना के साथ की गई। मौके पर मूली पड़हा देवान चुंइया कुजूर ने कहा कि वर्ष 1962 में पारंपरिक पड़हा का पुनर्गठन किया गया था। उन्होंने बताया कि पेसा नियमावली लागू होने से पारंपरिक ग्राम सभा को जल,जंगल, जमीन,खनिज सहित नीति, निर्णय और दंड से जुड़े अधिकार प्राप्त हुए हैं। जो पड़हा व्यवस्था के लिए गर्व की बात है।मूली कोटवार देवेंद्र लाल उरांव ने कहा कि समाज को सामाजिक,धार्मिक, सांस्कृतिक और न्यायिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कार्तिक उरांव और भिखराम भगत ने पड़हा का पुनर्गठन किया था...