सोनभद्र, जनवरी 5 -- चोपन, हिंदुस्तान संवाद। स्थानीय आदर्श नगर पंचायत के प्रीतनगर में स्थित श्रीरामेश्वर महादेव मंदिर पर चल रहे सात दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के चौथे दिन सोमवार को राम-सीता विवाह प्रसंग सुन कर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। इस दौरान मंगल गीतों के साथ सीता-राम के जयकारों से पूरा पांडाल गुंजायमान हो उठा। कथावाचक दिलीप कृष्ण भारद्वाज ने राम-सीता के विवाह की कथा सुनाते कहा कि राजा जनक के दरबार में भगवान शिव का धनुष रखा हुआ था। एक दिन सीता ने घर की सफाई करते हुए उसे उठा कर दूसरी जगह रख दिया। इसे देख राजा जनक को आश्चर्य हुआ, क्योंकि धनुष किसी से उठता नहीं था। इसको देखते हुए राजा ने प्रतिज्ञा ली कि जो इस धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाएगा, उसी से सीता का विवाह होगा। उन्होंने स्वयंवर की तिथि निर्धारित कर सभी राजा- महाराजा को विवाह के लिए निमं...