बुलंदशहर, अक्टूबर 3 -- गुलावठी में श्री रामलीला समिति के तत्वाधान में आयोजित हो रहे 72वे श्री रामलीला महोत्सव के अंतर्गत राम रावण युद्ध एवं रावण वध लीला का सुंदर मंचन किया गया। जिसमें दिखाया गया कि भगवान राम और रावण घनघोर युद्ध हो रहा। लेकिन जितनी बार राम रावण के शीश काटते उतनी बार आकर शीश जुड़ जाता है। काफी देर युद्ध चलता रहा आखिर में विभिषण ने राम को बताया कि भगवन अग्नि बाण का प्रयोग रावण की नाभि पर वार कीजिए। क्योंकि, रावण की नाभि में अमृत है। यह सुनते ही प्रभु श्री राम ने अग्निबाण का प्रयोग कर रावण का वध कर दिया। इसके बाद भगवान राम ने अग्निबाण से रावण और कुंभकरण के पुतलो का दहन किया। पुतला दहन से पूर्व सुंदर आतिशबाजी की गई। रावण के पुतले में आग लगते ही पूरा रामलीला प्रांगण जय श्री राम के नारों से गूंजने लगा। रामलीला समिति के अध्यक्ष श...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.