उरई, नवम्बर 25 -- जालौन। उदोतपुरा स्थित हनुमान मंदिर परिसर में नौ दिवसीय रामकथा महोत्सव के समापन हो गया। कथा के दौरान पूरा पंडाल भक्तिरस से सराबोर हो गया और रामनाम की गूंज वातावरण में गूंजती रही। शास्त्री अमरदीप अवस्थी ने कहा रावण का वध युद्ध का अंत नहीं, बल्कि अहंकार, अधर्म और अन्याय पर धर्म, सत्य और करुणा की विजय का प्रतीक है। यह प्रसंग मानव जीवन में विनम्रता और मर्यादा के महत्व का संदेश देता है। बताया विजय के बाद भगवान राम ने विभीषण को लंका का राजा घोषित किया और धर्म की स्थापना का संकल्प दोहराया। बताया अयोध्या लौटने पर श्रीराम का राज्याभिषेक हुआ, जिसे 'रामराज्य' का प्रतीक माना गया है। इस मौके पर इस मौके पर पारीक्षित प्रहलाद सिंह, शकुंतला देवी, बलबीर सिंह, बुद्ध सिंह, सुखदेव सिंह, गजेंद्र सिंह, सुखवीर सिंह, मानसिंह, गजराज, वीरेंद्र सिंह...