छपरा, जनवरी 25 -- गड़खा, एक संवाददाता। हनुमान जी हिन्दू धर्म में शक्ति, भक्ति , ज्ञान और साहस के सर्वोच्च प्रतीक हैं। हनुमान जी ने सुग्रीव को श्रीराम से मिलाया व खोई हुई सत्ता की प्राप्ति कराई। प्यास से मरते हुए बंदरों को स्वयंप्रभा की गुफा में पहुंचकर जल-पान कराया। विभीषण को लंका के मोहमय वातावरण से निकाल कर श्रीराम की शरण दिलाई। उक्त बातें मानस मर्मज्ञ विद्याभूषण जी महाराज ने गड़खा हनुमान नगर आयोजित हनुमत जन्मोत्सव सह 32 वें वार्षिक सत्संग सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।उन्होंने कहा कि हनुमान जी ने मूर्छित लक्ष्मण के प्राणों की रक्षा के लिए वैद्य सुषेण व संजीवनी बूटी को उपलब्ध कराई।सीता माता को अंगूठी प्रदान कर व कथा सुनाकर बचा लिया। सत्संग सम्मेलन को मुख्य रूप से संत शत्रुघ्न दास जी महाराज, सर्वानंद जी महाराज, रामायणी मीरा सिन्हा ने स...