मिर्जापुर, जनवरी 10 -- जिगना, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के बरबटा गांव स्थित राम-जानकी मंदिर में आयोजित संगीतमय रामकथा के तीसरे दिन शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। नवलखा धाम, विदिशा (मध्यप्रदेश) से आए कथावाचक राममनोहर दास ने राम जन्म की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया और रामादल में वानरों की शक्ति व महिमा पर विस्तार से प्रकाश डाला। कथावाचक ने कहा कि शुकदास के अनुसार वानर और भालू इतने सामर्थ्यवान थे कि बड़े-बड़े पर्वतों से समुद्र को पाट सकते थे। कपि और भालू जन्मजात देवता हैं, जिनके सिर पर प्रभु श्रीराम का वरद हस्त है। उन्होंने बताया कि समुद्र पार करने में सभी वानर सक्षम थे, लेकिन जब प्रभु श्रीराम ने अपनी मुद्रिका हनुमान जी को दी, तब अन्य वानरों ने समुद्र पार करने में संदेह प्रकट किया। त्रेता युग में समस्त देवताओं ने वानर-भालू के रूप म...