मऊ, जनवरी 11 -- मऊ, संवाददाता। जीवन राम इंटर कॉलेज छात्रावास के मैदान में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के आठवें दिन शनिवार की शाम कथा व्यास रितेश जी महाराज ने प्रभु श्रीराम के वनवास और राम-केवट संवाद का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। भारी संख्या में उपस्थित महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने खड़े होकर प्रभु की आरती उतारी। राम वनवास के प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने पिता के वचनों की रक्षा के लिए क्षण भर में राजसी सुखों का त्याग कर दिया। उन्होंने कहा, प्रभु श्रीराम का वनवास मात्र एक घटना नहीं, बल्कि धर्म और कर्तव्य के पालन का सर्वोच्च आदर्श है। गंगा किनारे राम और केवट के बीच हुए संवाद की व्याख्या करते हुए महाराज ने बताया कि केवट ने अपनी चतुराई और निश्छल भक्ति से भगवान को प्रेम के बंधन में बांध लिया। केवट का य...