मुरादाबाद, फरवरी 14 -- मुलक्ष्मी नगर पीतल बस्ती में चल रही शिव महापुराण कथा में कथा व्यास महेंद्र शास्त्री ने कहा कि भगवान शंकर ने माता पार्वती से वार्ता करते हुए उन्हें बताया कि प्रभु राम का एक बार नाम लेना भगवान विष्णु सहस्त्रनाम का उच्चारण करने के समान है। अत: मैं सदैव भगवान श्री राम का ध्यान करता हूं। भगवान शंकर के प्रिय राम और राम के प्रिय भगवान शंकर हैं। व्यवस्था में श्याम कृष्ण रस्तोगी, हर स्वरूप, चंद्रभान सैनी, पंडित विनोद शर्मा, शिव कुमार, रविंद्र, डा. संजीव, जगदीश, गणेश,मनोज, चंद्रपाल आदि रहे।

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