रामपुर, नवम्बर 3 -- एकता विहार कॉलोनी में श्री राम कथा प्रसार समिति की ओर से चल रही श्री राम कथा के दूसरे दिन अल्मोड़ा से पधारे पूज्य व्यास श्री राजेंद्र तिवारी ने प्रवचन देते हुए बताया कि प्राचीन काल में दक्ष प्रजापति की पुत्री सती अत्यन्त गुणवान और भक्ति-भाव से युक्त थीं। सती ने भगवान शिव को अपने मन में पति रूप में स्वीकार किया और कठोर तपस्या द्वारा शिव को प्रसन्न किया। भगवान शिव ने सती का विवाह स्वीकार कर लिया। सती के पिता दक्ष को शिव का सादगीपूर्ण, तंत्र-सिद्ध और अघोरी सा स्वरूप पसंद नहीं था। एक समय दक्ष ने एक विशाल यज्ञ का आयोजन किया। उसने सभी देवी-देवताओं और ऋषियों को बुलाया लेकिन शिव और सती को निमंत्रण नहीं दिया। जब सती को इस यज्ञ का पता चला तो शिव ने कहा कि बिना बुलाए जाना उचित नहीं है, और वहां अपमान की सम्भावना भी है। लेकिन सती भा...