दुमका, जून 30 -- दुमका। प्रतिनिधि दुमका शहर के श्री अग्रसेन भवन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन रविवार को राजस्थान से पधारे कथा व्यास उमेश शास्त्री जी ने गजेंद्र मोक्ष की कथा सुनाई। कथावाचक ने कहा कि जब पद प्रतिष्ठा और मान आता है तो व्यक्ति का अभिमान बढ़ जाता है। अभिमान ही मनुष्य के नाश का कारण बन जाता है। उन्होंने प्रवचन करते हुए कहा कि हाथी को जब गजेंद्र का पद में मिल गया और जंगल का वह राजा बन गया तो उसमें भी अभियान आ गया। जब अपने परिवार के साथ जल में कीड़ा कर रहा था तो एक मगरमच्छ ने आकर उसे पकड़ लिया। पूरे परिवार उसे छोड़कर चला गया। तभी उसे प्रभु की याद आती है। गजेंद्र के अनुरोध पर नारायण भगवान प्रकट हुए और ग्राह की गर्दन काटी। उन्होंने राम अवतार के सुंदर प्रसंग का वर्णन किया और बताया गया कि यदि राम कथा जीवन में उतर जाए तो जीवन...
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