बांदा, फरवरी 5 -- बांदा। संवाददाता रामायण मानव जीवन की आधार शिला है, मानव को जहां जीने की कला सिखाती है, वही कर्तव्य का बोध कराती है। पुरी से आये शंकराचार्य अद्ययोक्षजनंद ने कहा कि रामायण सनातन का महाग्रंथ है। पांच दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीणांचल रामायण मेले के पांचवें दिन समापन के अवसर पर जगन्नाथ पुरीगोवर्धन पीठ देवतीर्थ से आए शंकराचार्य आद्ययोक्षजनंद ने बताया कि धर्म ही वह रास्ता है जिससे मानव की रक्षा हो सकती है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज मे उत्तम चरित्र का निर्माण होता है, समाज का वातावरण बदलता है। रामचरित मानस हमे जीने की कला सिखाती है। बताया कि सभी युगों में कलियुग में भगवान को पाने का रास्ता सरल और अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। अमरकंटक से आई साध्वी ने भक्ति गीतों के माध्यम से भक्ति रस की ओर प्रेरित किया। रवींद्र शुक्ला ने भजन...