बुलंदशहर, सितम्बर 22 -- रामलीला महोत्सव के दौरान रविवार रात को माता कैकेई आज्ञा पाकर श्रीराम, लक्ष्मण और सीता के साथ वचन के लिए चले जाते हैं। उन्हें अयोध्या वासी काफी रोकने का प्रयास करते हैं, लेकिन श्रीराम वन की तरफ प्रस्थान कर देते हैं। जहां उनका भीलों से मिलन होता है और उन्हें वह नाव में बैठाते हुए पार उतारते हैं। वन में कई ऋषियों से मिलने के बाद वह चित्रकूट में कुटिया बनाकर रहने लगते हैं। श्रीराम के वन जाने की लीला का मंचन देखकर श्रद्धालु भाव-भिवोर हो गए। इसमें मंचन विधि-विधान से संस्कृति के श्लोक और उनके अनुवाद करते हुए आचार्य वेदप्रकाश द्वारा कराया जा रहा है। इस दौरान व्यवस्थाओं में दीपक गर्ग, सचित गोविल, सचिन बंसल, रजत अग्रवाल आदि रहे।

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