अमरोहा, अक्टूबर 1 -- ढवारसी। कस्बे में सोमवार को राम-भरत मिलाप की लीला का मंचन किया गया। श्रद्धालुओं की आंख नम हो गईं। मंचन की शुरुआत में दिखाया गया कि किस तरह भगवान राम के वन जाने व पिता राजा दशरथ के देहांत का समाचार सुनकर भरत ननिहाल से अयोध्या वापस लौटते हैं। माता कैकेयी के वचनों के कारण हुई इन घटनाओं से व्यथित होकर भरत, श्रीराम को वापस अयोध्या लाने के लिए गुरु वशिष्ठ और अयोध्यावासियों के साथ चित्रकूट के वन की ओर प्रस्थान करते हैं। वन में जब भरत प्रभु श्रीराम से मिलते हैं, तो श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठते हैं। भरत ने बड़े भाई श्रीराम से अयोध्या लौटकर राज सिंहासन संभालने का आग्रह किया। भगवान राम ने उन्हें समझाया कि वह पिता के वचन को पूरा करने के लिए वन में आए हैं और भरत का धर्म है कि वह अयोध्या के राज्य को संभालें। श्रीराम ने धर्म, नीति और ...
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