सहारनपुर, सितम्बर 23 -- राम राम कहि राम कहि राम राम कहि राम, तनु परिहरि रघुबर बिरहं राउ गयउ सुरधाम, भावार्थ राम-राम कहकर, फिर राम कहकर, फिर राम-राम कहकर और फिर राम कहकर राजा दशरथत ने श्री राम के वियोग में शरीर त्याग कर सुरलोक को सिधार गए। इसी चौपाई के साथ महानगर की रामलीलाओं में भगवान श्रीराम, माता जानकी और लक्ष्मण के साथ 14 वर्ष के लिए वनवास जाने की लीला देखकर दर्शक भावुक हो गए। इसके साथ ही महाराजा दशरथ के प्राण त्यागने पर दर्शकों के भी आंसू निकल आए। महानगर की प्राचीन श्रीराम कमेटी के तत्वावधान में माता कैकई द्वारा महाराज दशरथ से दो वर मांगने और कोप भवन में जाने एवं भगवान श्रीराम, सीता और लक्ष्मण के वनवास जाने की लीला का मंचन किया गया। इससे पूर्व भगवान श्रीराम और लक्ष्मण की क्षेत्र में शोभायात्रा निकाली गई। लोगों ने पुष्प वर्ष कर शोभायात...
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