अयोध्या, अक्टूबर 29 -- अयोध्या। धर्म नगरी अयोध्या की पौराणिक महत्ता को सनातन परम्परा के अनुयायी सदैव से स्वीकार करते रहे हैं लेकिन राजनैतिक लाभ के गुणा-भाग में सत्ताधारियों के लिए अयोध्या के महत्व को गौण रखना शायद उनकी मजबूरी रही। यही रहा कि आजादी के बाद से विकास योजनाओं की बाट जोहती अयोध्या को यह मुकाम तब हासिल हुआ जब सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ किया। हालांकि राम मंदिर निर्माण की प्रक्रिया पांच अगस्त 2020 से ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भूमि पूजन के साथ शुरू हो गई थी। फिर कोरोना संक्रमण की विश्व व्यापी महामारी ने बाह्य विकास को अवरूद्ध कर दिया। फिलहाल रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद बीते डेढ़ साल में यहां बदलाव की नयी इबारत लिखी गयी। यह अलग बात है कि जल्दबाजी की कीमत भी अयोध्या शहर व यहां के वाशिंदों को चुका...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.