रामपुर, अक्टूबर 2 -- रामपुर, प्रमुख संवाददाता। कितना गौरवशाली है अपना रामपुर। यहां की धरती, बापू की अस्थियों को भी अपनी गोद में समेटे हुए है। भारत में पोरबंदर और राजघाट के अलावा किसी शहर में गांधी समाधि है, तो वह अपना शहर रामपुर ही है। यहां के बाद कमोवेश हर शहर में गांधी प्रतिमाएं तो मिलेंगी, लेकिन गांधी समाधि नहीं। अहिंसा के पुजारी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रति रामपुर स्टेट के नवाब रजा अली खां को भी बेहद सम्मान था। उन्होंने ही रामपुर में गांधी समाधि तामीर कराई। रजा अली खां आठ फरवरी 1948 में स्पेशल ट्रेन से दिल्ली गए। उनके साथ पांच ब्राह्मण भी गए दिल्ली गए थे। अष्ठधातु के 18सेर के कलश में नवाब रजा अली खां ही दिल्ली से बापू की अस्थियां रामपुर लाए थे। दिल्ली से यहां तक हर स्टेशन पर ट्रेन रोकी गई थी। लोगों ने बापू की अस्थियों के दर्शन क...
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