संभल, जनवरी 4 -- भगवान राम बहुत ही सरल हैं। सरल शब्द का मतलब ही स से सीता, र से राम और ल से लक्ष्मण। यह सदविचार वीरेश रामायणी ने श्री रामकथा के दौरान व्यक्त किए। कथा व्यास ने कहा कि धनुष यज्ञ में सभी प्रकार के देवता, राक्षस रूप बदल कर आए,लेकिन जिसकी जैसी भावना थी उनको श्रीराम वैसे ही दिखे।राक्षस प्रवृति के राजाओं को काल, धार्मिक राजाओं को ईश्वर। बाकी देखने का प्रयास करते रहे नहीं दिखे। शंकर जी ने विश्वामित्र जी को धनुष तोडने का समय बताया था । उसका इन्तजार करते ही समय बीत रहा था। जब समयानुसार राम ने धनुष उठाया तो खडे होकर लक्ष्मण ने धरती मां को डांवाडोल होने से बचा रहे थे। धरती मां को कष्ट न हो और सम्पूर्ण जगत में खुशी की लहर थी। कथा व्यास ने कहा कि सीता जी को जनक बेटी होने पर भी पहचान नहीं सके कि यह जगत जननी साक्षात लक्षमी है ।जबकि राम को...