सीवान, अप्रैल 2 -- मैरवा, एक संवाददाता। रामजानकी मंदिर में रामकथा के दूसरे दिन कथावाचिका भाग्य श्री जी ने हर गौरी विवाह का वर्णन और सत्ती चरित्र पर चर्चा किया। कहा कि जीवन के हर संशय का समाधान श्रीराम कथा करती है। रामचरित मानस में नौ दिन में नौ प्रश्न हैं। निर्गुण ब्रह्म सगुण कैसे हो गया, राम जन्म का कारण क्या है। प्रभु के बाल्यकाल की लीला, विवाह लीला, वनगमन लीला और राक्षसों के मारने का प्रयोजन। अयोध्या में रामराज्य अभिषेक और संतों का चरित्र। इन्हीं प्रश्नों के उत्तर नौ दिन में दिए जाते हैं। भक्त के हृदय में भगवान आए तो आंसू आए बिना रह नहीं सकते। भगवान का सिमरण करते रहिए। हमारे हृदय में विकारों का जो खारा जल भरा है, बाहर निकलना चाहिए। कथावाचिका भाग्य श्री ने कहा कि माता सती ने अभिमान वश कुंभज ऋषि से श्री राम की कथा को नहीं सुना और श्रीराम...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.