पाकुड़, जनवरी 30 -- पाकुड़, प्रतिनिधि। श्री श्री 1008 महारुद्र यज्ञ समिति द्वारा आयोजित यज्ञ समिति द्वारा आयोजित अनुष्ठान में मथुरा से आए कथावाचक पंकज शरण जी महाराज की मुखारविंद से राम जन्मोत्सव कथा के साथ राम जानकी विवाह का प्रसंग दर्शकों ने सुना। प्रभु श्री राम और माता जानकी के विवाह प्रसंग की व्याख्या करते हुए बताया कि कैसे मर्यादा पुरुषोत्तम का जीवन समाज के लिए एक आदर्श है। प्रसंग में कथावाचक ने बताया कि मिथिला नरेश के घर माता जानकी के स्वयंवर के लिए शिव का धनुष रखा गया और इस स्वयंवर में जाने एक से एक महारथी उसे शिव धनुष को तोड़ कर माता जानकी से विवाह करने को लालायित थे। विश्वामित्र मुनि के संग दशरथ नंदन राम और लक्ष्मण दोनों भाई स्वयंवर में पहुंचे और जैसे ही शिव धनुष को हाथों में उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाने का प्रयास किया शिव धनुष टूट गया औ...