दुमका, सितम्बर 7 -- रानेश्वर। इलाके में रासायनिक उर्वरक यूरिया की घोर किल्लत है। जबकि किसान को खेत मे यूरिया उर्वरक डालने की समय गुजर रहा है। लैम्पस के अलावे बाजारों में भी यूरिया की घोर किल्लत उत्पन्न हो गया है। जो किसानों को घोर परेशानी में डाल दिया है। किसान यूरिया के लिए भटकने को मजबूर हो गया है। जबकि खेत मे यूरिया डालने की समय गुजर रहा है। धान फसल की उत्तम पैदावार के लिए यूरिया उर्वरक खेत मे डालना अतिआवश्यक है। लेकिन यूरिया की किल्लत किसानों को झकझोर कर रख दिया है। किसान हित मे पंचयात बार लैम्पस का गठन किया गया है। लैम्पस में खाद गोदाम भी उपलब्ध है। लेकिन लैम्पस में खाद मौजूद नहीं है। जबकि लैम्पस में साल भर खाद के साथ बीज उपलब्ध रहना आवश्यक है। और सरकारी दाम पर लैम्पस से किसान को रसायनिक उर्वरक उपलब्ध कराने की प्रावधान की गई है। लेकि...
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